Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
रोग के अंतिम चरण के दौरान लिवर हेपेटाइटिस हो सकता है या लिवर फेल हो सकता है जिससे पीड़ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की मृतà¥à¤¯à¥ à¤à¥€ हो सकती है। इसलिठजरूरी है कि आप लिवर सिरोसिस के पहले ही सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को जानें और फिर यहीं पर इलाज करवा कर इस बीमारी से बाहर आà¤à¤‚। ताकि, ये लिवर सिरोसिस का कारण ना बने।
जैसे-जैसे लीवर सिरोसिस की समसà¥à¤¯à¤¾ बà¥à¤¨à¥‡ लगती है तो उपरोकà¥à¤¤ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के साथ-साथ निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ दिखाई देने लग जाते हैं :-
तà¥à¤µà¤°à¤¿à¤¤ दिल की धड़कन (rapid heartbeat)
वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ परिवरà¥à¤¤à¤¨
उलà¤à¤¨
चकà¥à¤•र आना
मसूड़ों से खून आना
शरीर और ऊपरी बाहें कमजोर होना
डà¥à¤°à¤—à¥à¤¸ और अलà¥à¤•ोहल के पà¥à¤°à¤¸à¤‚सà¥à¤•रण में कठिनाइयाठ(Difficulties in processing drugs and alcohol)
टखनों, पैरों और तलवों में सूजन आना
बाल à¤à¤¡à¤¼à¤¨à¥‡ की समसà¥à¤¯à¤¾ होना
चोट लगने की उचà¥à¤š संवेदनशीलता
पीलिया होना – इस दौरान रोगी की तà¥à¤µà¤šà¤¾ और आà¤à¤–े पीली पड़ जाती है, साथ ही आंखों और जीठका रंग à¤à¥€ बदलना शà¥à¤°à¥‚ हो जाता है।
सेकà¥à¤¸ डà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤µ का नà¥à¤•सान
याददाशà¥à¤¤ की समसà¥à¤¯à¤¾
पेट के ऊपरी हिसà¥à¤¸à¥‡ में सूजन होना
बार-बार बà¥à¤–ार होना
संकà¥à¤°à¤®à¤£ का खतरा बढ़ जाता है या कोई गंà¤à¥€à¤° संकà¥à¤°à¤®à¤£ होना
मांसपेशियों में à¤à¤‚ठन
नकसीर (नाक से खून आना)
दाहिने कंधे में दरà¥à¤¦
सांस फूलना – यह समसà¥à¤¯à¤¾ बैठे-बैठे à¤à¥€ होती है
मल काला हो जाता है या बहà¥à¤¤ पीला हो जाता है
कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ होना
पेशाब का रंग गहरा होना
खून की उलà¥à¤Ÿà¥€ आना
चलने और चलने में समसà¥à¤¯à¤¾
पेट में सूजन आना
तà¥à¤µà¤šà¤¾ का पतला होना
खà¥à¤œà¤²à¥€à¤¦à¤¾à¤° तà¥à¤µà¤šà¤¾ होना
जब लीवर सिरोसिस होने पर रोगी को उपरोकà¥à¤¤ लकà¥à¤·à¤£ दिखाई देने लग जाते हैं तो इसका मतलब है कि अब रोगी की शारीरिक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ काफी बिगड़ चà¥à¤•ी है और उसे जलà¥à¤¦ से जलà¥à¤¦ उपचार लेने की आवयशà¥à¤•ता है। अगर उपचार जलà¥à¤¦à¥€ से नहीं मिला तो रोगी कि जान à¤à¥€ जा सकती है।
| --------------------------- | --------------------------- |